परीक्षा

परीक्षा का अपना ही महत्वा हैं | हम वहाँ वो कहानी लिखने जाते हैं |
जिसका शीर्षक किसी को नहीं पता होता ||
जब परिणाम घोसित होते हैं | तब पता चलता हैं |
कहानी  " कहानी " रह गयी या इतिहास बन गया ||

 प्रिया मिश्रा

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