हमारा देश आगे नहीं बढ़ रहा
कारन
यहाँ के आधे लोग अपनी अपनी निराशा
की अभिलाषा किसी और को निराश कर के निकालते हैं ||
और बचे  आधे लोग ये सोचते  हैं की मेरी गलती क्या थी ||
ये रोज की बात हैं ||

प्रिया मिश्रा :)

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