कल शाम तक जिसका पता ना था
वो सुबह का सूरज हुए बैठा हैं ||

यही बात दिल को तसल्ली दे जाती हैं
की अभी सूर्य डूबा नहीं हैं
किनारे से लगा हैं ||

प्रिया मिश्रा :)

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