मेरा तो चाँद पूरा होगा ||

चलो अब मिल के जुदा होते हैं |
सपनो में खोते हैं |
कल एक नया सबेरा होगा |
जो सिर्फ मेरा होगा |

मैं रात के सपने में तारो से झोली भरूंगी
कुछ तुझे दूंगी
कुछ उसे दूंगी
कुछ आसमान को लौटा दूंगी |
मेरा तो चाँद पूरा होगा ||

प्रिया मिश्रा :)  

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