सब गुनाह कर के निकलते गए
जब मेरी बारी आई तो हम पकड़े गए |
हमें सादगी से छुपाना नहीं आता था |
हमने कह दिया सब गलत थे |
और सजा मेरे हिस्से आई |
क्युकी मैंने  देखा सब कहा कुछ नहीं |
गूंगो को भी बोलना पड़ता हैं
शब्द भले ही न फूटे
गाला फुट ही पड़ता हैं ||

प्रिया मिश्रा :)



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