ग़ज़ल लिखने की उम्र नहीं रही मेरी
शेरो - श्यारी से कोइ तारुफ़ भी नहीं
बस जो अल्फाज हैं वो
वक़्त का तकाजा हैं !!
प्रिया मिश्रा

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