हमने तो सिर्फ अर्थ तक  सोचा था
यहाँ तो बात प्लूटो तक चली हैं मेरी |||

होती भी क्यों न
जिनमे कोइ बात होती
उन्ही की तो बात होती हैं :) :)

प्रिया मिश्रा :) :)

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