पवन ने  बादल  से कहा
मैं  ऐसा नहीं हूँ
बादल टूट  गयी और बरस गयी
वो उसके आसूँ  थे ||

और क्या करती
उसके अहसास को
अमानवीय शब्दों में तोला गया
और वो फुट गयी ||

ऐसा भी कोइ करता हैं
कोइ याद  करे तो
प्रश्न उठाये
और छोड़ जाये ||

पर ये हुआ हैं
तभी तो आज भी जब पवन बादल से टकराता हैं
बादल फुट जाती हैं
और उसके आसूँ
बह जाते हैं ||

प्रिया मिश्रा :)

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog