मैं अब प्रतिकार करुँगी

मैं अब प्रतिकार करुँगी
सजा जो भी हो
मंजूर हैं ||

मैं अब नहीं स्वीकार करुँगी
मैं अब प्रतिकार करुँगी
माना श्राप हैं मुझपे
मेरे पूर्वजो का
पर अब सबको झुकना होगा
अब चट्टान को भी पीघलना  होगा
मैं अब नहीं स्वीकार करुँगी
मैं अब प्रतिकार करुँगी ||

जीना मरना तो भ्रम हैं
इस जीवन चक्र को अब बदलना होगा
कही तो बर्फ को अब पिघलना होगा
कोइ तो आग जलनि होगी
किसी को तो मरना होगा
मैं मरना स्वीकार करुँगी
मैं अब प्रतिकार करुँगी ||

प्रिया मिश्रा :)

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