मुझे भूलने की सोचोगे
तो रो पड़ोगे
मेरी मुस्कराहट जो तुम्हे याद आएगी ||
यूँ कैसे ठुकरा पावोगे मेरे शब्दों को
तुम्हारी जुबान भी लड़खड़ा जाएगी ||
कैसे कह दोगे, तुम मुझसे अनजान हो
तुम्हारी रूह
काँप जाएगी ||
मुझे भूलने की सोचोगे
तो रो पड़ोगे
मेरी मुस्कराहट जो तुम्हे याद आएगी ||
यूँ , मेरी बातें सबसे करते ही हो
मुझे मालूम हो ,
कैसे छोड़ोगे ये आदत
कहाँ कही और बात तुम्हे याद आएगी
अगर निकाल दोगे मुझे
अपने शब्दों से
तुम्हे कौन सी बात सूझेगी ||
जो निकल दोगे मुझे अपने ख्यालो से
तो रो पड़ोगे
मेरी मुस्कराहट जो तुम्हे याद आएगी ||

प्रिया  मिश्रा :)

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