तू मत हार

तू मत हार जिंदगी अभी बाकि हैं
और तू  अभी जिन्दा हैं
तेरी साँसे  चल रही हैं
और कदमो में जान हैं
ये पहचान हैं तेरी
तू मत हार
तू अभी जिन्दा हैं ||
उठ बंजर जमीं  में फसलें  ऊगा दे
वो चाँद जरा आज उदाश हैं
उसे आईना दिखा दे
वो मुस्कुरा दे
तू भी किसी की मुस्कराहट बन जा
जरा मुस्कुरा दे
तू मत हार
तू अभी जिन्दा हैं ||
ये काफी हैं की तेरी आँखे आज की सुबह देख पाई
फक्र  कर खुद पर
तू दुनिया देख सकता हैं
तेरी आवाज  में वो दम  हैं
आसमा तक अपनी आवाज पंहुचा
तू मत हार
तू अभी जिन्दा हैं ||
कल की ही बात हैं
तुझे तेरी माँ ने दुआए दी हैं
तेरी पिता  के  कंधे तुझे पुकार रहे हैं
उनकी ऊँगली पकड़  के चला
उठ अब वो कर्ज चूका दे
चल अब जरा
संभल जा
माँ और पिता में जिन्दा  हो जा
तू मत हार
तू अभी जिन्दा हैं
तू बारिश की बुँदे बन जा
भींगा  दे  इस दुनिया को
प्यार के बारिश में
खुद भी जरा मुस्कुरा
तू हार मत
तू अभी जिन्दा हैं
तू हार मत तू अभी जिन्दा हैं ||
प्रिया मिश्रा  :)

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