मेरी बातो में तुम्हारा
वक़्त ठहर जाया करता था

और आज दो घरी तुम्हे
जायदा लगते हैं
कहा था न मैंने वक़्त बदल जाता हैं
और लोग भी ||

प्रिया मिश्रा :) :)

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