सूर्य

आज का सूर्य एक सबक दे जायेगा
जाते - जाते कितनो की आँखों में चमक दे जायेगा
वो अकेला हैं
पर उदाश नहीं
उसकी दो आँखे हैं
और कितनो को आँखे दे जायेगा
आज का सूर्य एक सबक दे जायेगा ||




उसकी आँखों में जो  चमक हैं

सूर्य की देन ,
उस सबेरे की देन हैं
जो सूर्य अपने साथ लाया हैं
वो खुस हैं ,
आज वो एक बार फिर खुद को देख पाया हैं
वो जो मारा नहीं
अभी जिन्दा हैं
अब कुछ कर के जायेगा
आज का सूर्य एक सबक दे जायेगा ||

आज वो फिर से मिलेगा सब से
आज फिर वो मुस्कुरा के जायेगा
कितनो को हसी देगा
कितनो को मंजिल दे जायेगा
आज का सूर्य एक सबक दे जायेगा ||

कुछ को उदासी मिलेगी
लेकिन वो ठहरेगी नहीं
वो कुछ सीखा के जाएगी
जो सिख जायेगा
उसे गति मिल जाएगी
वो सूर्य की तरह चमक जायेगा
आज का सूर्य एक सबक दे जायेगा ||

आज पत्ते भी चमकेंगे रोज की तरह
आज नदी फिर से झिलमिलायेगी
आज चाँद भी जरा कम  दिखेगा
वक़्त चलेगा
और चमक जायेगा
आज का सूर्य एक सबक दे जायेगा ||

प्रिया मिश्रा :)

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