उड़ान
मेरे हौसलों में उड़ान हैं
तो पंख उग ही जायेंगे ||
कोइ कितने भी दरवाज़े लगा ले
मेरे तक़दीर के ताले खुल ही जायेंगे ||
मैं मरी नहीं तो जिन्दा हूँ
और अगर जिन्दा हूँ
तो कदम संभल ही जायेंग ||
मेरे हौसलों में उड़ान हैं
तो पंख उग ही आएंगे ||
प्रिया मिश्रा :)
मेरे हौसलों में उड़ान हैं
तो पंख उग ही जायेंगे ||
कोइ कितने भी दरवाज़े लगा ले
मेरे तक़दीर के ताले खुल ही जायेंगे ||
मैं मरी नहीं तो जिन्दा हूँ
और अगर जिन्दा हूँ
तो कदम संभल ही जायेंग ||
मेरे हौसलों में उड़ान हैं
तो पंख उग ही आएंगे ||
प्रिया मिश्रा :)
Comments
Post a Comment