मैं आना चाहती हूँ तेरे पास ||
मैं आना चाहती हूँ तेरे पास
तुझे कहने
तुझे बताने
तुझे ये एहसास दिलाने
मैं तेरे साथ हूँ
पर तूने इतने काटें लगा रखे हैं
अपने आँगन में
हर रोज एक काँटा चुभता हैं मुझे
और मैं हर रोज वो घाव लेती हूँ
फिर भी
मैं आना चाहती हूँ तेरे पास
तुझे कहने
तुझे एहसास दिलाने
तुझे बताने
की , मैं तेरे साथ हूँ ||
प्रिया मिश्रा :)
Nice poam
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