थपड़
आज एक नया थप्पड़ लगा मुझे
उसने मुझे फिर से ये एहसास करा दिया
मैं नहीं थी
कही नहीं थी
उसके लिए
वो सब कुछ भूल चूका था
सब कुछ मेरा प्यार
मेरे दोस्ती सब कुछ
और सामने से गुजर कर उसने
एक और थप्पड़ दिया
मुझे
जो सायद जीवन भर याद रहे मुझे
लेकिन मैं उसे सुक्रिया
करना चाहूंगी
मुझे फिर से एहसास करने के लिए
अपनी पुरानी दोस्ती का
और थप्पड़ वाले दर्द का ||
प्रिया मिश्रा :)
आज एक नया थप्पड़ लगा मुझे
उसने मुझे फिर से ये एहसास करा दिया
मैं नहीं थी
कही नहीं थी
उसके लिए
वो सब कुछ भूल चूका था
सब कुछ मेरा प्यार
मेरे दोस्ती सब कुछ
और सामने से गुजर कर उसने
एक और थप्पड़ दिया
मुझे
जो सायद जीवन भर याद रहे मुझे
लेकिन मैं उसे सुक्रिया
करना चाहूंगी
मुझे फिर से एहसास करने के लिए
अपनी पुरानी दोस्ती का
और थप्पड़ वाले दर्द का ||
प्रिया मिश्रा :)
Nice one
ReplyDeletethank you g :)
ReplyDelete