आशीर्वाद

आज आशीर्वाद माँ का था
 मैं चला था
आसमान नापने
आज आशीर्वाद माँ का था ||

मैं गुजरा कई मोड़ो से
मैंने कई गलियों के खाक छाने
मैंने दिखी  सुनहरी सी दुनिया
जब मैं ,
झुका माँ के पैरो में
मेरा सारा जहाँ  वहाँ  था
आज आशीर्वाद माँ का था ||

मेरी जन्नत करीब थी
मेरा मुक्कदर करीब था
मैं घंटो बैठा रहा
वहाँ
जहाँ ईश्वर भी झुकते हैं
मैं क्या उसे दूंगा
 जो मेरी जननी हैं
सब कुछ मेरा उसी का दिया था
आज मैं हूँ ऊचाईयों  पे
वो बनाया मेरे माँ का था
आज आशीर्वाद मेरे माँ का था ||

प्रिया मिश्रा :)

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