दिए
आज कुछ दिए बिक जायेंगे
तो गुड़िया लाऊंगा
अपनी गुड़िया के लिए
उसे पटाखे ला के दूंगा
कुछ मिठाईया लाऊंगा
अगर,
आज कुछ दिए बिक जायेंगे तो
घर में मेरे भी रौशनी होगी
मेरा मिटटी का घर
जरा जगमगा जायेगा
अगर ,
आज कुछ दिए बिक जायँगे तो
माँ को नई साड़ी लेक दूंगा
कितनी फीकी पड़ गयी हैं
वो उसकी साड़ी
बिलकुल उसके रंग की तरह
आज लाऊंगा उसके चेहरे पे खुसिया
अगर ,
आज कुछ दिए बिक जायँगे तो
मैं बबलू की किताबे लाऊंगा
वो नहीं पढ़ पाया अब तक कुछ
मैं उसे पढ़ाऊंगा
अगर ,
आज कुछ दिए बिक जायँगे तो
अच्छा बताओ ,
तुम्हारे लिए क्या लाऊँ
मेरे लिए ?
मेरे लिए अपनी आखो की चमक
और अपने प्यार की चासनी लाना
अगर ,
दिए न भी बीके तो
उदाश न होना
मुस्कुराते हुए आना
हम खुसियो की दिवाली मनाएंगे
खीर बनाउंगी
तुम्हारे मुस्कराहट की
मिठास परोसूँगी
तुम्हारे प्यार की
बच्चो को पटाख़े देंगे
कागज के बना के
और माँ को आदर के साडी
में रखेंगे
अगर दिए
न बिक़े तो
उदाश न होना
हमारे पास रिस्तो की पूंजी हैं
उसे ही अर्पित करेंगे
माँ लक्छमी के चरणों में ||
प्रिया मिश्रा :)
आज कुछ दिए बिक जायेंगे
तो गुड़िया लाऊंगा
अपनी गुड़िया के लिए
उसे पटाखे ला के दूंगा
कुछ मिठाईया लाऊंगा
अगर,
आज कुछ दिए बिक जायेंगे तो
घर में मेरे भी रौशनी होगी
मेरा मिटटी का घर
जरा जगमगा जायेगा
अगर ,
आज कुछ दिए बिक जायँगे तो
माँ को नई साड़ी लेक दूंगा
कितनी फीकी पड़ गयी हैं
वो उसकी साड़ी
बिलकुल उसके रंग की तरह
आज लाऊंगा उसके चेहरे पे खुसिया
अगर ,
आज कुछ दिए बिक जायँगे तो
मैं बबलू की किताबे लाऊंगा
वो नहीं पढ़ पाया अब तक कुछ
मैं उसे पढ़ाऊंगा
अगर ,
आज कुछ दिए बिक जायँगे तो
अच्छा बताओ ,
तुम्हारे लिए क्या लाऊँ
मेरे लिए ?
मेरे लिए अपनी आखो की चमक
और अपने प्यार की चासनी लाना
अगर ,
दिए न भी बीके तो
उदाश न होना
मुस्कुराते हुए आना
हम खुसियो की दिवाली मनाएंगे
खीर बनाउंगी
तुम्हारे मुस्कराहट की
मिठास परोसूँगी
तुम्हारे प्यार की
बच्चो को पटाख़े देंगे
कागज के बना के
और माँ को आदर के साडी
में रखेंगे
अगर दिए
न बिक़े तो
उदाश न होना
हमारे पास रिस्तो की पूंजी हैं
उसे ही अर्पित करेंगे
माँ लक्छमी के चरणों में ||
प्रिया मिश्रा :)
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