चार कदम के फासले ने हमें दूर रखा
और तेरी दो कदम की दुरी ने
मुझे तेरी आहट सुना दी
तू कितना भी समेट ले खुद को
आकर गिरेगा मेरे ही दामन में
मैं तेरी ख्वाइश हूँ
और तू मेरी दुआ हैं
प्रिया मिश्रा :)
और तेरी दो कदम की दुरी ने
मुझे तेरी आहट सुना दी
तू कितना भी समेट ले खुद को
आकर गिरेगा मेरे ही दामन में
मैं तेरी ख्वाइश हूँ
और तू मेरी दुआ हैं
प्रिया मिश्रा :)
Excellent
ReplyDeletethank you :)
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