वो क्या सोचेगी ??

 रिपोर्टर  : - और तालियों के साथ स्वागत कीजिये हमारे पहले मेहमान श्री नमन जी का

नमन :- धन्यवाद् , आप सभी का धन्यवाद्

रिपोर्टर :- महासय आज आप जिस मुकाम पे हैं इतनी कम  उम्र में वहां सायद ही कोइ होता हैं
               आप कोइ इंट्रोडक्शन के मोहताज नहीं | बच्चा - बच्चा आपको जनता हैं |
               मैं बस इतना जानना चाहता हूँ की 
               कोइ ऐसी बात कोइ ऐसा पल और कोइ ऐसा वक़्त था आपके जीवन में जो आपको आज
               खोने का एहसास हैं ||
 
   नमन :- ऐसी  सिर्फ एक ही थी , जिसके मैं करीब था | पर मैं उसकी महत्वा समझ नहीं पाया
              उसने हर मोड़ पे मेरा साथ दिया |  वो मेरी खामोसी समझ जाती थी | और मैं उसकी आँखे नहीं
             पढ़ पाया | मैं इतना व्यस्त था खुद को मैं बनाने में की उसको समय दे ही नहीं पाया |
            मैं डरता भी था की लोग क्या कहेंगे , मैंने कभी नहीं सोचा की वो क्या सोचेगी , उसके दिल पे क्या        
            गुजरती होगी | उसके आँखों में कितने आसूं लाये हैं मैंने | आज मैं सबके सामने कुछ कहना चाहता हूँ
बिना ये सोचे की लोग क्या कहेंगे ||
                   तुम मेरी प्रेरणा थी
                   तुमसे मेरा गुरु था
                    मैं गुनहगार हूँ
                     तुम्हारा
                  जाने क्यों मैं तुमसे दूर था
                  तुम मेरी मंजिल हो
                   तुम मेरी कहानी हो
                   तुमसे जुड़ना  चाहता हूँ
                   आ जाओ ,
                   मैं तुमसे माफ़ी मांगता हूँ
                 और कहना चाहता हूँ
                 तुमने मुझे बहोत कुछ दिया
                 अब मेरी बारी हैं
                 मैं तुम्हारा गुनहगार हूँ
                पर फिर भी आज तक
               सिर्फ और सिर्फ
              तुम्हे चाहता हूँ

रिपोर्टर :- वाह  सर आपने तो अपने दिल की बात इतनी सफाई से रख दी
  
तालियों की गड़गड़ाहट फिर से गूंज पड़ी |
किसी ने सुना ही नहीं उस आवाज में की किसी की सिसकिया भी थी परदे के पीछे और गुरुर  भी था अपने प्यार पे
||


प्रिया मिश्रा :)

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