मैं लिखने की आदि हूँ इसलिए , बेगानी हो गयी हूँ ,
लोगो ने बेगाना कर दिया ये कह के , की तू मेरे घर की इट नहीं हैं
मेरे हजार के ईंटो में डॉक्टर और इंजीनियर के तमगे हैं।
ये लेखक का तमगा हमारा नहीं
ये कोइ और ठोक गया हैं कील कलंक का ||
प्रिया मिश्रा 😊
लोगो ने बेगाना कर दिया ये कह के , की तू मेरे घर की इट नहीं हैं
मेरे हजार के ईंटो में डॉक्टर और इंजीनियर के तमगे हैं।
ये लेखक का तमगा हमारा नहीं
ये कोइ और ठोक गया हैं कील कलंक का ||
प्रिया मिश्रा 😊
Comments
Post a Comment