ये लोग जो कह देते है
किसी को .... की लोग अपनी जरूरतों में हमसे मिला करते थे
हो जाये अगर पूरी जरूरते
तो सबसे मिल के मेरी शख़्सियत को भला -बुरा कहते थे
लिखना चाहूंगी मैं दो लाइने उनके लिए ...
जो बेवजह बदनाम हो गए .....
कह दिया किसी ने उनको की वो अपनी जरूरतों में मुझसे वो मिला करते थे
तू बता ज़रा वो किसी की शख्सियत पे ऊँगली उठाने वाले
जिसपे तू तोहमत लगा के खुस है ...
की... वो,, जरूरतों पे तुझसे मिला था ...
तू गीन के बता दे ... अब तक
उसने कितने ख़त तेरे आँगन में
अपने फ़रमाइसो के डाले है ||
प्रिया मिश्रा :))
Comments
Post a Comment