मेरी नज़्में मेरी

 शक़्ल इख्तियार करती हैं 

 ये शब्द हैं 

मगर फिर भी 

मुझे इंसानों से ज्यादा प्यार करती हैं।।

प्रिया मिश्रा :)  

 


मेरे लिए तो हर साख़ से

 टुटा पत्ता मेरा है

 तू बता,,

 मेरी हैसियत बताने वाले 

जब कल हवाएं तेज थीं

 तेरे पैरों तले कितने रौंदे गए हैं 

 मेरे लिए तो हर साख़ से टुटा पत्ता मेरा है।।

 प्रिया मिश्रा :))

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