रात की तरह ढलना
सबको आता है
सुबह की तरह खिल के आओ
तो कुछ बात बने
सवालों पे चर्चे बहुत चलते हैं
सवालों के कुछ
जवाब ढूंढे जाएं
तो कुछ बात बने।।
प्रिया मिश्रा :))
ये वक़्त एक दिन साँझ की तरह ढल जायेगा
जो जीवन है अभी है ||
प्रिया मिश्रा :)
मैं पूरा जीवन नहीं सोया
एक दिन की सुकून की नींद के लिए
और जब सोया तो उठा ही नहीं ||
ये सुकून की नींद
जीवन मांगती है
प्रिया मिश्रा :)
ईश्वर के नाम एक पत्र लिखना चाहती हूँ
और कहना चाहती हूँ
हे ईश्वर मेरे मन के सारथी बनो
मेरे जीवन का आधार बनो
मेरे प्राण बन के मुझमे वास करो
मेरे ह्रदय की धमनियों में धड़का करो
मैं समूर्ण तुम्हे पाना चाहती हूँ
मुझे अपने दासी के रुप में स्वीकार करो
हे ईश्वर मेरे मन के सारथी बनो ||
प्रिया मिश्रा :)
सम्पूर्ण संसार को स्वकार करने से
अच्छा है
स्वम् को स्वीकार करना ||
प्रिया मिश्रा :)
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