तुमसे मिलकर
तुमसे मिलकर
तुम्हारा होना
तुम्हारा होक
तुममे खोना
ये प्यार हैं
या कुछ और है
नहीं जनता
जनता तो बस इतना हूँ
अब कोइ फर्क नहीं रहा
तुममे और मुझमे
जो मैं हूँ
वो तुम हो
और जो तुम हो
वो मैं हूँ
कुछ अलग नहीं हैं
तुम चाँद हो
और मैं उसकी चमक
तुम रात हो
और मैं उसकी गहराई
तुम सूर्य हो
मुझमे आग हैं
तुम इंद्रधनुष
और मैं बरसात
प्रिया मिश्रा :)
तुमसे मिलकर
तुम्हारा होना
तुम्हारा होक
तुममे खोना
ये प्यार हैं
या कुछ और है
नहीं जनता
जनता तो बस इतना हूँ
अब कोइ फर्क नहीं रहा
तुममे और मुझमे
जो मैं हूँ
वो तुम हो
और जो तुम हो
वो मैं हूँ
कुछ अलग नहीं हैं
तुम चाँद हो
और मैं उसकी चमक
तुम रात हो
और मैं उसकी गहराई
तुम सूर्य हो
मुझमे आग हैं
तुम इंद्रधनुष
और मैं बरसात
प्रिया मिश्रा :)
Bahut khub
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