पिंजरे का जीवन

मैं पंखो की रानी
खूबसूरत से पंख
बस नाम के हैं
और ,
पिंजरे का जीवन ||

सारी दुनिया मेरी
ये चार दीवारी
लोहे की सलाखे
और चार दाने
गुलामी के
बस यही है
सारा मधुबन
हाय रे ,मेरा
पिंजरे का जीवन

खुली आखें
सपने बंद
पंख फड़फड़ाते
उड़ान
असंभव
कुछ गुजरा
कुछ बाकि
पिंजरे का जीवन ||

प्रिया मिश्रा :)

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