मेरी आखरी ईक्षा
इतनी सी हैं
जब साँस
टूटे, हाथ में कलम हो
और जब विदा लूँ इस जहाँ से,
तो शब्द पीछे छोड़ के जाऊँ
मेरी पूंजी
मेरे जाने के बाद भी रहे
और मैं अमर हो जाऊँ ||

प्रिया मिश्रा :)

Comments