" कम्प्यूटर "

मैं कम्प्यूटर हूँ
पूरी जानकारी रखता हूँ
आज कल सब कुछ मुझसे ही चलता हैं
लेकिन कभी सोचा हैं
मुझे भी किसी इंसान ने ही बनाया हैं
लेकिन मैंने पैदा होके
सबसे पहले इंसान के पेट पे ही लात मारा
ये इरादा मेरा नहीं था
पर फितरत इंसानो वाली आ गयी
बनाया तो मुझे किसी इंसान ने ही हैं
पर मैं एक बात कहूंगा ,
मैं मशीन हूँ
मशीन ही रहूँगा
लेकिन तुम  मशीन न होना
क्युकी ,
कोइ इन्तजार करता
होगा तुम्हारा
शाम को ,
आदमी हो आदमी के दिल में रहना
मैं मशीन हूँ
मुझे मशीन ही रहने दो
मुझे इंसानो की सक्ले न दो
वरना ,
इंसान मशीन की सक्ले लेने लगेगा ||

प्रिया मिश्रा :)

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