इस दिवाली


इस दिवाली मैं आँगन के साथ
खुद को भी रोशन करुँगी ||

अपने आँगन के दिए से
थोड़ी रौशनी बाटूंगी
थोड़ा रोशन अपने
आस - पास को भी कर दूंगी
इस दिवाली मैं आँगन के साथ
खुद को भी रोशन करुँगी ||

मैं दिए लगाउंगी उमीदो के
रोशन उसे अपनी लगन से कर दूंगी
मेरे अरमानो की बाती होगी
और
ईश्वर के आशीर्वाद से वो जलेगा
और , रोशन होगा
वो दूर तक रौशनी मैं कर दूंगी
इस दिवाली मैं आँगन के साथ
खुद को भी रोशन कर दूंगी ||

उमंगो की मोती में
अरमानो की चासनी डालूंगी
थोड़ा मीठा और हो जाएंगे
अगर मैं प्यार उसमे बांध दूंगी
इस दिवाली मैं सपनो के लड्डू बनाउंगी
उससे सारा संसार मीठा कर दूंगी

इस दिवाली मैं आँगन के साथ
खुद को भी रोशन कर दूंगी ||

प्रिया मिश्रा :)

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